Banking Basics in Hindi 2026 | पैसा और बैंकिंग की बुनियाद – Beginner से Expert तक

  Money और Banking की असली बुनियाद, आराम से बैठ जा। आज हम बिल्कुल शुरू से शुरू करते हैं। मैं तुझे ऐसा समझाऊंगा कि ये सारी चीजें तेरे दिमाग में हमेशा के लिए बैठ जाएंगी। क्योंकि अगर ये foundation मजबूत नहीं हुआ, तो आगे Loan, Interest, Credit Score – सब हवा में लटक जाएंगे।

1. Money असल में है क्या? (Evolution of Money)

सोचो, बहुत पुराने जमाने में लोगों के पास पैसा नहीं होता था। वे Barter System में काम चलाते थे – मतलब सीधे चीजों का लेन-देन।उदाहरण: मेरे पास १० किलो गेहूं हैं, तेरे पास २ बकरियां हैं। तू मुझे एक बकरी देता है, मैं तुझे ५ किलो गेहूं देता हूं। सौदा पूरा।लेकिन ये Barter System कितना मुश्किल था?

  • Double Coincidence of Wants: मुझे बकरी चाहिए, लेकिन जिसके पास बकरी है, उसे गेहूं नहीं, उसे कपड़े चाहिए। अब क्या करूं?
  • Storage का झमेला: गेहूं को कितने दिन रखूं? खराब हो जाएगा।
  • Divisibility की समस्या: एक बकरी को आधा कैसे करूं अगर सिर्फ आधी बकरी चाहिए?
  • Value का पता नहीं: आज १ बकरी = १० किलो गेहूं, कल शायद १५ किलो।

इसलिए इंसान ने सोचा – एक ऐसी चीज चाहिए जो सब accept करें, store कर सकें, divide कर सकें। इस तरह Money बना।Money के stages:

  1. Commodity Money → shells, तंबाकू, जानवर, सोने-चांदी के टुकड़े।
  2. Metallic Money → pure gold/silver के सिक्के।
  3. Paper Money → government के notes (जैसे आज का १०० रुपए का note)।
  4. Bank Money → cheque, digital wallet।
  5. आजकल → UPI, cards, और Cryptocurrency भी आ गई (लेकिन अभी भी असली power government के Fiat Money के पास है)।

भारत में: ₹ note RBI print करता है, छोटे coins Government of India बनाती है।Money के ४ मुख्य functions (याद रखना, ये बहुत important हैं):

  1. Medium of Exchange → खरीदने-बेचने के लिए।
  2. Measure of Value → हर चीज की कीमत नापने के लिए।
  3. Store of Value → भविष्य के लिए बचाकर रखने के लिए।
  4. Standard of Deferred Payment → आज उधार लो, बाद में payment (Loan का base यही है)।

2. Bank क्यों बने? असली जरूरत क्या थी?

अब सोचो: कुछ लोगों के पास extra पैसे होते हैं (Savings), कुछ लोगों को पैसों की जरूरत होती है (घर बनाने, business शुरू करने, car लेने के लिए)।Direct savers से borrowers तक पैसे पहुंचाना मुश्किल था: banking system image

  • Trust नहीं – मैं अपने पैसे किसी अंजान को कैसे दूं?
  • Information नहीं – मुझे पता कैसे चलेगा किसे कितना चाहिए?
  • Risk बहुत – पैसे वापस आएंगे या नहीं?

यहां Bank hero बनकर आया। Bank एक trusted intermediary है जो:

  • Savers से पैसे लेता है (Deposits)।
  • जरूरतमंद को देता है (Loans)।
  • इस process में economy को तेज बनाता है – savings invest हो जाती है, jobs बनती हैं, growth होती है।

Bank का असली काम:

  • लोगों की savings को mobilize करना।
  • Payment system को easy बनाना (UPI, NEFT, cheque)।
  • Economy को stable रखना।

3. भारत में Banks के types (simple language में)

  • Central Bank – RBI (Reserve Bank of India)
    ये boss है सब banks का। Currency print करता है, interest rates decide करता है, inflation control करता है। Public को direct loan नहीं देता – ये “banker to banks” है।
  • Commercial Banks (जैसे SBI, HDFC, ICICI, Axis)
    हम जैसे लोगों के साथ direct deal करते हैं – account खोलो, deposit करो, loan लो।
  • Co-operative Banks
    छोटे level पर, members के लिए (जैसे गांव में dairy co-operative)।
  • Payments Banks (Paytm, Airtel Payments Bank)
    सिर्फ payments और छोटी savings, loan नहीं दे सकते।
  • Small Finance Banks (Ujjivan, Equitas)
    गरीब और small business पर focus।
  • NBFCs (Bajaj Finance, Muthoot Finance)
    Bank जैसे काम करते हैं, लेकिन थोड़े अलग rules। Deposits limited ले सकते हैं, loans जोर-शोर से देते हैं।

4. Banking के दो सबसे basic functionsपूरा banking इनही दो चीजों के आस-पास घूमता है:

  1. Accepting Deposits → Savings Account, Current Account, Fixed Deposit (FD), Recurring Deposit (RD)।
  2. Giving Loans & Advances → Personal Loan, Home Loan, Car Loan, Business Loan।

बस ये दो काम, लेकिन इनके आस-पास दुनिया भर का खेल है।

 

                                  छोटा सा Revision Quiz 

  1. Barter System में सबसे बड़ी दिक्कत क्या थी? एक example देकर बता।
  2. Money के ४ functions में से कोई २ बता और एक real-life example दे।
  3. RBI और normal Commercial Bank में एक बड़ा difference बता।
  4. अगर banks न होते, तो लोग extra पैसे कहां रखते और loan कहां से लेते?

डाउट हो तो अभी पूछ ले, शर्मा मत!Homework (बहुत simple):

  • घर बैठकर सोचो: अगर आज banks न होते, तो तेरे पास जो extra pocket money है उसे कहां safe रखता? और अगर तुझे bike के लिए पैसे चाहिए होते तो किससे मांगता?
  • कल तक एक काम कर: अपने phone में Google करके “CIBIL full form” और “CIBIL क्या काम करता है” बस इतना पढ़ लेना। ज्यादा मत जाना आगे, अभी foundation बना रहे हैं।

 

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